उत्तर प्रदेशीय यादव महासभा के प्रतिनिधि राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन छह प्रस्ताव रखे गए। इनमें पोस्टर विवाद पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की गई। यमुना में गिर रहे नालों को रोकने और सभी राजनीतिक दलों से हर जिले में कम से कम एक विधानसभा सीट पर यादव समाज के एक व्यक्ति को खड़ा करने की मांग भी रखी गई। रविवार को सम्मेलन में 250 पदाधिकारियों ने इन प्रस्तावों पर मंथन किया।
परिक्रमा मार्ग स्थित सोहम आश्रम में चल रहे सम्मेलन में रविवार को मुख्य अतिथि सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि 2017 में पुन: सपा सरकार बने इसके लिए यादव समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शिवकुमार सिंह ने कहा कि समाज और राष्ट्र उत्थान के लिए मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता है। श्रम राज्य मंत्री जगदेव सिंह ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों और कुरीतियों को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है। सपा नेता डा. अशोक अग्रवाल ने कहा कि गीता में दिए गए उपदेशों और कृष्ण लीला के संदेशों को जीवन में आत्मसात कर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
इससे पूर्व सम्मेलन में छह प्रस्ताव रखे गए। प्रस्ताव-1 में महासभा ने एक पोस्टर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को श्रीकृष्ण के रूप में दिखाने पर आपत्ति जताई गई। मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इस्तीफे, केशव प्रसाद मौर्य को बर्खास्त करने, श्वेत पत्र जारी करने की मांग की गई। प्रस्ताव-2 में गौ रक्षा संवर्धन, पशु क्रूरता के दोषियों को मृत्युदंड की मांग की गई।
प्रस्ताव-3 में गौ सेवा आयोग के सदस्यों में पशु पालकों को ही नामित करने, 4 में यमुना में गिर रहे नालों को रोकने और हथिनीकुंड से पानी छोड़े जाने, 5 में सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक जिले में कम से कम एक विधानसभा सीट पर यादव समाज के व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने की मांग रखी गई। प्रस्ताव-6 में प्रदेश में कार्यरत पुलिसकर्मियों के लिए जारी बॉर्डर स्कीम को तत्काल हटाने और प्रत्येक जनपद में श्रीकृष्ण भवन/यादव भवन के निर्माण की मांग की गई।
सम्मेलन में पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह, सत्यप्रकाश सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश यादव, दिलीप यादव, प्रह्लाद यादव, पवन यादव, गजेंद्र यादव, मनीष यादव, विजय यादव आदि उपस्थित रहे।