श्री कात्यायनी मंदिर में आरती के दौरान मौजूद श्रद्धालु। संवाद
वृंदावन। वृंदावन के श्री कात्यायनी मंदिर में अष्टमी और नवमी के मिलन के अवसर पर संधि आरती का आयोजन किया जाता है। इसी तारतम्य में मंगलवार को हुई संधि आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में घंटों पहले से ही जुट गई।
मंदिर के सेवायत कमल पुजारी ने बताया कि यह संधि आरती विशेष आरती मानी जाती है। जो भक्त इस आरती के दर्शन करता है, उसे माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए आरती के दर्शनों के लिए दूर-दूर से लोग घंटो पहले आकर मंदिर के बाहर खड़े हो जाते हैं। आरती के पश्चात माता का खजाना भी लुटाया जाता है। मंदिर के ट्रस्टी रवि दयाल ने बताया कि मंदिर को पुष्पों और विद्युत झालरों से सजाया गया। माता कात्यायनी को पुष्पों के बंगला में विराजमान किया गया।
दोपहर एक बजकर 29 मिनट पर अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन की बेला में संधि आरती की गई। डमरू, घंटा-घड़ियाल और नगाड़ों के मध्य मां कात्यायनी की संधि आरती हुई। वर्ष में दो बार होने वाली विशेष संधि आरती के लिए भक्तजन आतुर रहे। जो भक्त मंदिर में जगमोहन से देवी के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर पाए, उन भक्तों ने मंदिर में लगे टीवी सेटों में ही संधि आरती के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। संवाद