वृंदावन। भाद्रपद शुक्ल पक्ष पद्मा एकादशी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में आराध्य बांके बिहारी की एक झलक पाने को श्रद्धालु उमड़ पड़े। मंदिर की तंग गलियां खचाखच भरी रही। भीड़ के दबाव के कारण श्रद्धालुओं ने आपाधापी के बीच ठाकुरजी के दर्शन किए। देश के कोने-कोने से आई हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पद्मा एकादशी पर सुबह तड़के बांके बिहारी मंदिर मार्ग श्रीबांके बिहारी पुलिस चौकी के सामने और आसपास की गलियों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिली। श्री बांकेबिहारी लाल की जय और राधे-राधे के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। जबरदस्त भीड़ और उमसभरी गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। जगह-जगह पुलिस द्वारा रस्सी लगाकर मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 10 से 15 मिनट तक रोक-रोककर मंदिर की ओर पुलिसकर्मी भेज रहे थे। विद्यापीठ चौराहा से मुख्य गली तक, जुगलघाट परिक्रमा मार्ग से फलहारी बाबा वाली गली तक पुलिस ने होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को समयान्तराल में मंदिर की ओर भेजा।
एकतरफा मार्ग व्यवस्था लागू की गई, जिसमें एक तरफ श्रद्धालु मंदिर की ओर कतारबद्ध जा रहे थे तो दूसरी ओर बाजार और स्थानीय लोग की आवाजाही बनी रही। ताकि को दर्शन करने में सहूलियत हो और किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उधर श्रद्धालुओं ने पद्मा एकादशी के अवसर पर हरिनाम जप के साथ नगर की पंचकोसी परिक्रमा लगाई। भोर से शुरु हुआ परिक्रमा का क्रम देर रात तक जारी रहा। श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलादबल्लभ गोस्वामी ने बताया कि पद्मा एकादशी पर लाड़ले ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रही। सुबह से पट बंद हो जाने तक श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई। बहुत से श्रद्धालुओं का नियम है कि वह अपने आराध्य के दर्शन करने के बाद नगर की पंचकोसी परिक्रमा करते हैं। नियम व्रत वाले ऐसे श्रद्धालु भी आराध्य दर्शन को आए हैं।