मांट। राधा-कृष्ण की पावन महारास स्थली बंसीवट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बंसीवट धाम के महंत जयराम दास महाराज के सानिध्य में आयोजित कथा में व्यासपीठ पर विराजमान कथा व्यास आदित्य नारायण दास महाराज ने प्रभु के विभिन्न दिव्य अवतारों का मनमोहक वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथा व्यास आदित्य नारायण दास महाराज ने तीसरे दिन की कथा का शुभारंभ करते हुए भगवान के वराह अवतार की कथा का संगीतमय वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब दैत्य हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को जल में डुबो दिया था, तब धर्म की रक्षा और सत्य की पुनर्स्थापना के लिए भगवान नारायण ने वराह रूप धारण कर पृथ्वी का उद्धार किया। ध्रुव चरित्र के प्रसंग की व्याख्या करते हुए महाराज जी ने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए उम्र कोई बाधा नहीं बनती, केवल दृढ़ संकल्प और अनन्य भक्ति की आवश्यकता होती है।
पांच वर्ष के बालक ध्रुव ने अपनी निष्काम भक्ति और अटल विश्वास से साक्षात भगवान को प्रकट होने पर विवश कर दिया। कथा के अंत में बंसीवट धाम के महंत जयराम दास महाराज और कथा यजमान अभिषेक गुप्ता और लक्ष्मी गुप्ता ने व्यासपीठ की आरती उतारी और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।