मुड़िया पूर्णिमा मेले में इस बार श्रद्धालु दडंवती परिक्रमा नहीं कर पाएंगे। भीड़ को देखते हुए इस पर रोक लगाई गई है। सिर्फ दर्शन करेक श्रद्धालुओं को संतोष करना पड़ेगा।
तीर्थनगरी मथुरा में बुधवार से मुड़िया पूर्णिमा मेला शुरू हो जाएगा। ऐसे में लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। 'मुक्ति कहें गोपाल से मेरी मुक्ति बताए, ब्रजरज मस्तक लगे मुक्ति मुक्त है जाए' की भावना लेकर पहुंचने वाले भक्त मुड़िया पुर्णिमा मेला में अपना मत्था नहीं टेक पाएंगे। हर बार की तरह इस बार भी भीड़ की अधिकता के चलते लेटकर गोवर्धन की दंडवती करने पर रोक लगा दी गई है।
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हालांकि मंगलवार की देर रात्रि भीड़ के बीच कुछ भक्त अपनी परिक्रमा लेटकर दंडवती व मत्था टेककर शुरू करते नजर आए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भक्तों से दण्डवती न करने का अनुरोध करते नजर आए। बताते चलें कि आस्था में गिरिराज जी के भक्त लेटकर दंडवती करते हैं। उनकी श्रद्धा रहती है वे अपने आराध्य की आराधना लेटकर दंडवती करने में पूरी करें।
इसलिए दानघाटी मंदिर परिक्रमा के शुरुआती पड़ाव से एक से सात बार लेटकर दंडवती करने के बाद पैदल परिक्रमा शुरू की जाती है। मुड़िया मेला में ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को स्पष्ट दिशा निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रद्धालुओं को दंडवती न करने दें। परिक्रमा में चलते रहो की रणनीति अपनाएं। भीड़ रुकने की स्थिति में दिक्कत पैदा हो जाएगी।
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मुड़िया मेला सहायक प्रभारी नीलम श्रीवास्तव ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने के कारण दंडवती पर रोक रहेगी। यहां आने वाले श्रद्धालु भी मेला में सहयोग करें। वे अपनी आस्था में गिरिराज जी की परिक्रमा लगाएं। गिरिराज महाराज को हाथ जोड़कर प्रणाम करें और आगे चलते रहें।