श्री बांकेबिहारी मंदिर जाने वाले मार्ग पर लगी भीड़।
वृंदावन के श्री बांकेबिहारी में दर्शन के दौरान दिल्ली से आए श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह मंदिर में बैठे-बैठे गश खाकर गिर पड़े। परिजन और सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन परिजन ने पुलिस से किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने से मना कर दिया और शव को बिना पोस्टमार्टम के ही लेकर चले गए।
दिल्ली के हरिनगर निवासी अखिलेश (67 ) अपने बेटे साहिल और अन्य परिजन के साथ ठाकुर श्री बांकेबिहारी के दर्शन के लिए आए थे। साहिल के मुताबिक, शनिवार सुबह 8:45 बजे वह लोग मंदिर में प्रवेश कर गए थे। मंदिर में काफी भीड़ थी। भीड़ के बीच जैसे-तैसे दर्शन किए। इसी बीच जब वह लौटकर जा रहे थे तो पिता को मंदिर परिसर में कुछ परेशानी महसूस होने लगी और वह मंदिर में अंदर की ओर गेट नंबर दो के पास ही बैठ गए। उनसे पूछा कि क्या हुआ तो वह कुछ कह पाते कि अचानक गश खाकर गिर पड़े।
वह उन्हें कंधे पर उठाकर बाहर की लेकर दौड़े। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत ही चिकित्सीय टीम को बुलाया, तो तुरंत ही अस्पताल ले जाने को कहा। एंबुलेंस से उनको जिला संयुक्त चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन का मन नहीं माना तो वह ब्रज हेल्थ केयर ले गए, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने कहा कि अब कुछ नहीं हो सकता। रोते बिलखते परिजन फिर संत रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन यहां भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने किसी प्रकार ढांढस बंधाया। परिजन ने पुलिस से किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से भी मना कर दिया और शव को लेकर दिल्ली रवाना हो गए।
तीन बच्चों के पिता हैं अखिलेश
अखिलेश के तीन बच्चे हैं। जिसमें दो बेटियां और एक बेटा है। बेटा साहिल उनके साथ था। उसने बताया कि वह सबसे छोटा है। दो बहनों में से एक की शादी हो गई है। हादसे की जानकारी होने के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पांच वर्ष से हृदय रोग से पीड़ित थे
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि इस मामले की जानकारी की गई तो पता लगा कि अखिलेश पांच साल से हृदय रोग से पीड़ित थे। उनके परिजन ने जानकारी दी है कि वे हृदय रोग की दवाई ले रहे थे।