विश्वबैंक की आर्किटेक्ट ने अधिकारियों के साथ किया मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण
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पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए विश्वबैंक के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में विकास किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को विश्वबैंक की आर्किटेक्ट शालिनी महाजन ने मंदिर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां होने वाले विकास कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर अहमदाबाद की कंपनी आईसीएसई ने तैयार कर ली है। सितंबर से कार्य धरातल पर आने शुरू हो जाएंगे, जिन्हें 18 माह में पूरा कर लिया जाएगा।
बुधवार सुबह विश्वबैंक की ओर से हेरिटेज कंजरवेशन आर्किटेक्ट शालिनी महाजन, पर्यटन निदेशालय लखनऊ से मनीष कुमार, सत्येंद्र पांडेय, संस्था आईसीएसई की आर्किटेक्ट सानिया सेठ, जिला पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव, विद्युत विभाग के जेई डीके शर्मा ने बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र के 2.5 किलोमीटर दायरे का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस प्रोजेक्ट के तहत टीम ने मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण के पहलुओं को देखा। योजना के तहत कालीदह पर दो पार्किंग के साथ बांकेबिहारी पाठशाला में मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। मंदिर क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमणों को हटाने के साथ सभी मंदिर पहुंच मार्गों का चौड़ीकरण किया जाएगा। बिहारीपुरा में पालिका की खाली पड़ी भूमि पर वेटिंग रूम और प्रसाधन का निर्माण कराया जाएगा।
जिला पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि 200 करोड़ रुपये की इस योजना में मंदिर तक पहुंच के सभी मार्गों का पुनर्निर्माण के साथ, नाले-नालियों के निर्माण, मल्टीस्टोरी पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए फैसिलेटिंग सेंटर और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना को पर्यटन विभाग और मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण को मिलकर पूरा करना है।