मथुरा। पानीगांव तिराहे पर भरे यमुना के पानी में तर्पण करते लोग।
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वृंदावन। पितृ पक्ष का शुभारंभ रविवार से हो गया है। इसी के साथ वृंदावन में श्राद्ध कर्म की पवित्र परंपरा भी शुरू हो गई। नगर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने केसी घाट पर अपने पितृों के लिए तर्पण और जलदान किया।
हालांकि यमुना का जलस्तर इन दिनों लगातार बढ़ रहा है और कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, बावजूद इसके श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा। केसी घाट पर भारी जलभराव के बाद भी लोगों ने पंडितों के निर्देशन में विधिवत तर्पण किया।
पंडित दाऊ दयाल मिश्र ने केसी घाट का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा कि यही वह स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने केसी राक्षस का वध कर उसे मुखाग्नि दी थी और उसका श्राद्ध किया था। तभी से इस घाट पर तर्पण करने की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालुओं का मानना है कि केसी घाट पर तर्पण करने से पितृ तृप्त होते हैं और उनकी कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि और दीर्घायु की प्राप्ति होती है।