मथुरा। मथुरापुरी की पंचकोसी परिक्रमा के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए करोड़ों की योजना लंबे समय से फाइलों में सिमट कर रह गई है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह प्राचीन परिक्रमा मार्ग बदहाल है। 10 नवंबर को कार्तिक मास की अक्षय नवमी और 12 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के अवसर पर लाखों श्रद्धालु अंधकार, गड्ढे और गंदगी के बीच परिक्रमा लगाने को मजबूर होंगे।
कार्तिक मास की अक्षय नवमी और देवोत्थान एकादशी के अवसर पर मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा लाखों परिक्रमार्थी राधे-राधे की रटना के साथ लगाएंगे, लेकिन स्थानीय प्रशासन की वर्षों से अनदेखी के कारण यह मार्ग बदहाल है। ध्रुवघाट पर विद्युत निगम द्वारा मार्ग के खोद दिया गया और टाइल्सों के सड़क पर ही डाल दिया है। इससे परिक्रमार्थी गड्ढों के साथ ही टाइल्सों से चुटैल हो सकते हैं। ध्रुव घाट से लेकर बंगाली घाट तक जगह-जगह परिक्रमा मार्ग में गड्ढे और गंदगी के ढेर लगे हैं।
नानक नगर में बने अंडरपास में भी पथ प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। अंडरपास में दिन में भी अंधेरा रहता है। इसके मुहाने पर मिट्टी के टीले लगे हैं। नाले के दूषित पानी की निकासी भी लंबे समय से बंद है। गड्ढे और मिट्टी के टले से होकर लाखों परिक्रमार्थियों को गुजरना होगा। इसके अलावा सरस्वती कुंड, आकाशवाणी के पीछे, अंबाखार क्षेत्र, कृष्णापुरी क्षेत्र में भी परिक्रमा में जगह-जगह गंदगी और गड्ढे हो रहे हैं।
जबकि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा मथुरा की पांचकोस की परिक्रमा को सुदृढ़ करने के साथ ही पथ प्रकाश और जगह-जगह बेंच और परिक्रमार्थियों के लिए पेयजल के इंतजाम करने की लगभग 18 करोड़ की योजना बनाई, लेकिन यह योजना अभी फाइलों तक सिमट कर रह गई है। इसके अलावा परिषद ने करीब 20 करोड़ की लागत से दो अंडरपास बनाने की योजना प्रस्तावित है। यह दोनों अंडरपास पोतरा कुंड और शिवताल के समीप बनाए जाने हैं, लेकिन इस योजना पर भी लंबे समय से मंथन चल रहा है।
कृष्ण कालीन है मथुरा की परिक्रमा
मथुरा की पंचकोसीय और तीन वन परिक्रमा कृष्ण कालीन है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने कंस वध के बाद ये परिक्रमा की थी। मथुरा की परिक्रमा कार्तिक मास की अक्षय नवमी और तीन वन की परिक्रमा का महत्व देवोत्थान एकादशी पर विशेष माना गया है।
परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण का कार्य कंकाली क्षेत्र से शुरू हो गया है। इसके अलावा परिक्रमार्थियों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए दो अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। यह कार्य रेलवे द्वारा किया जाएगा। -श्यामबहादुर सिंह, सीईओ, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद
मथुरा की परिक्रमा भक्तों द्वारा 9 नवंबर से शुरू होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग का सर्वे किया गया है। ध्रुव घाट, कंकाली क्षेत्र और नानक नगर में खुदाई की गई है। वहां समतलीकरण कराने और सफाई कार्य के लिए टीमें लगा दी गई हैं। जहां डार्क स्पॉट हैं पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।
-शशांक चौधरी, नगर आयुक्त नगर निगम