मथुरा। सांसद हेमामालिनी ने शून्यकाल के दौरान लोकसभा में मथुरा को एनसीआर में शामिल करने की मांग दोहराई। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि को पर्यटन विकास के लिए संसाधनों की आवश्यकता है, जो एनसीआर में शामिल होने से मिल सकते हैं।
बुधवार को सांसद हेमामालिनी ने संसद में कहा कि मथुरा धार्मिक नगरी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है। यहां बड़ी संख्या में देश और विदेश से पर्यटक श्रद्धालु आते हैं। मंदिरों के दर्शन करते हैं। मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन और ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा करते हैं। यहां पर्यटन विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही हैं, लेकिन जो संसाधन होने चाहिए उनका अभाव है।
इससे देश और विदेश के पर्यटक मथुरा आने से झिझकते हैं। मथुरा को एनसीआर में शामिल कर लिया जाए तो पर्यटन विकास की यहां बहुत संभावनाएं। एनसीआर में आने से बहुत डवलपमेंट हो सकता है। इसका प्रस्ताव जनपद स्तर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार को प्रस्तावित कर दिया है। इस प्रस्ताव पर स्वीकृति की आवश्यकता है, जिससे धार्मिक नगरी मथुरा का बहुत विकास हो सके।
पिछले एक दशक से हो रही है मांग
मथुरा को एनसीआर में शामिल करने की मांग करीब एक दशक पुरानी है। इस आशय के प्रस्ताव जनपद स्तर से तीन बार राज्य सरकार को भी जा चुके हैं। इसमें दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे और यमुना एक्सप्रेसवे के मध्य स्थित मथुरा एनसीआर की वर्तमान सीमा के निकट होने की भी जानकारी प्रस्ताव में दी गई है।