मथुरा। ब्रज की पावन धरा से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग मुखर हो गई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट और विभिन्न तहसीलों में उस वक्त भक्तिमय माहौल दिखा जब सैकड़ों गो भक्त, साधु-संत और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता संकीर्तन करते हुए ज्ञापन सौंपने पहुंचे।
इस्कॉन की संकीर्तन टीम के साथ भजन-कीर्तन करते हुए गो-भक्तों का जत्था कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी के बजाय गोमाता के जयकारे और भजनों की गूंज रही। संतों ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का आधार है और अब इसे संवैधानिक सम्मान दिलाने का समय आ गया है।
ज्ञापन में चार मांगें रखी गईं, गाय को राष्ट्रमाता घोषित करना, देशव्यापी गो हत्या विरोधी कानून बनाना, चरागाह को भू-माफियाओं से मुक्त कराना और सरकारी गोशालाओं की व्यवस्था दुरुस्त करना। संत रमेश बाबा महाराज ने सरकार को चेतावनी दी, कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जनभावनाओं को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा।