घटयात्रा के साथ भगवान जंबू स्वामी महामस्त अभिषेक, मुनि दीक्षा जयंती समारोह का शुभारंभ किया गया। विशाल घटयात्रा सिद्धक्षेत्र परिसर के चारों ओर घूमते हुए दोपहर 11 बजे सानंद संपन्न हुई।
घटयात्रा के माध्यम से सिद्धक्षेत्र की शुद्धि की गई इसके बाद दोपहर को मुनिश्री विहसंतसागर और मुनिश्री विजयेशसागर का चतुर्थ मुनि दीक्षा जयंती समारोह के अंतर्गत मंगलाचरण श्रमण ज्ञान भारती के छात्र भाई नीतेश जैन और चेतन जैन ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टीवी कलाकार गजेंद्र चौहान ने कहा कि भारत की संस्कृति संतों के कारण ही पल्लवित है। भारतीय संस्कृति सिखाती है कि चाहे इस देश का राजा भी क्यों न हो वह भी अपने राज्य में बैठने वाले संत के चरणों की वंदना करके ही सिंहासन पर बैठता है।
संत शब्द दो अक्षरों स और त से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है सहना और त्यागना। जो संतों का आदर करते हैं वे कभी दुखी नहीं रहते।
मुनिश्री विजयेशसागर और मुनिश्री विहसंतसागर ने अपने चतुर्थ दीक्षा जयंती समारोह के अवसर पर गुरु के प्रति समर्पण भाव को रखते हुए कहा कि महाराज आपने जो हमको मुनिपद प्रदान किया है मोक्षमार्ग में लगाया है।
कार्यक्रम में मुकेश जैन दिल्ली, संजय जैन आगरा, सचिन जैन दिल्ली, लता जैन, मदनलाल बैनाड़ा, शिखरचंद्र, ओमप्रकाश जैन, नवीन जैन, अंजू जैन, ग्वालियर से आए विधायक नारायण कुशवाहा आदि थे।
राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्षसागर ने कहा कि हमारे दो हाथ है यदि 50 लोगों से लड़ने के लिए खड़े हो जाओगे तो कभी नहीं जीत पाओगे, लेकिन यही हाथ जब विनम्रता से जुड़ जाएंगे तो हजार व्यक्ति से भी जीत जाएंगे।
कार्यक्रम में जिले के अलावा दिल्ली, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, आगरा, कोसीकलां, कामा, भरतपुर, होडल, पलवल, जुरहरा, गोवर्धन, डीग, अलीगढ़, हाथरस, फीरोजाबाद, टूंडला, शिकोहाबाद, जसवंतनगर आदि के श्रद्धालुओं ने भगवान जंबू स्वामी सिद्धक्षेत्र को वंदन मुनिश्री के चरणों में अपने आप को समर्पित किया। सोमवार से भगवान जंबू स्वामी का महामस्तकाभिषेक महोत्सव सुबह आठ बजे शुरू होगा।