मथुरा। विजिलेंस द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार की गई मथुरा की निलंबित डीपीआरओ किरन चौधरी की जमानत पर मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में सुनवाई हुई। किरन चौधरी के अधिवक्ता ने जहां जमानत देने की बात कही तो विजिलेंस आगरा की टीम ने जमानत का विरोध किया। टीम ने जांच में सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों के साथ ही साक्ष्य भी रखे। न्यायालय ने सुनवाई के बाद निर्णय के लिए बुधवार की तारीख लगाई है।
मथुरा की डीपीआरओ किरन चौधरी और सेवानिवृत्त चालक विजेंद्र को विजिलेंस आगरा की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ 4 फरवरी को गिरफ्तार किया था। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ ने दोनों को 5 फरवरी को जेल भेज दिया था। इसके बाद से वह जेल में ही निरुद्ध हैं। शासन द्वारा उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है।
14 फरवरी को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में उनकी जमानत पर सुनवाई हुई थी। न्यायालय ने सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तिथि तय की थी। मंगलवार को तय तारीख पर सुनवाई हुई, जिसमें निलंबित डीपीआरओ किरन चौधरी के अधिवक्ता ने जमानत के लिए दलील दी। वहीं दूसरी तरफ विजिलेंस आगरा से इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह और अशोक कुमार के साथ टीम मौजूद रही। टीम ने शासकीय अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय के सामने जांच में मिले साक्ष्य और शिकायतें प्रस्तुत कीं।