बुखार ने मांट राजा गांव की मासूम जेबा जिंदगी छीन ली। वो बीते कई दिन से बुखार से तप रही थी। परिवारीजन मथुरा के निजी अस्पताल में उपचार करा रहे थे। शनिवार की रात मासूम ने दम तोड़ दिया। क्षेत्र में बुखार से लगातार मौतों से लोगों में दहशत है। अब तक बुखार से जिले में करीब 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
जिले में फैल रहा बुखार अब और जानलेवा साबित हो रहा है। वृंदावन के देवी आटस, नगला बिंदा, परखम में हो रही लगातार मौतों से लोगों में दहशत का माहौल बनता जा रहा है। इधर शहर में चिकनगुनिया ने लोगों को बेदम कर दिया है।
कस्बा मांट के गांव मांट राजा निवासी सद्दाम की मासूम बेटी जेबा (तीन माह) बीते कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिवारीजनों ने पहले उसे आसपास के झोलाछापों को दिखाया। इसके बाद मथुरा के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। शनिवार की रात जेबा की मौत हो गई। इससे पहले नगला बिंदा, टैंटीगांव, देवी आटस, परखम आदि क्षेत्रों में बुखार से अब तक करीब 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
क्षेत्र के गांव नगला भीम, पपरेला, अर्रुआ, देवनगर, बालकिशन गढ़ी, नगला बैसला, नंद नगरिया, जनकपुर, आशागढ़ी, राजागढ़ी, तुलागढ़ी, भदनवारा, नगला जयसिंह, लौहई, भालई, डडीसरा, डडीसरी, कराहरी, खंजरावास, बदनपुर, महमूदगढ़ी, खायरा आदि गांवों में बुखार के कहर से लोग कराह रहे हैं।
निजी ब्लड बैंकों की मनमानी
शहर में बुखार का कहर है। लोग बुखार से कराह रहे हैं। प्लेटलेट्स की डिमांड बढ़ी हुई है और जिला अस्पताल की ब्लड सेपरेशन यूनिट बंद पड़ी है। इस सबके बीच निजी ब्लड बैंकों की मनमानी परेशानी बढ़ा रही है। यहां ब्लड होने के बाद भी मरीजों से मना कर दिया जाता है। इसके बाद ब्लड बैंक के ही कर्मचारी जिंदगी का सौदा करते हैं। इस समय प्लेटलेट्स की बढ़ी डिमांड के चलते रेट बढ़ाकर छह हजार से दस हजार तक कर दिए गए हैं।