रिश्ते के चाचा गोविंद अग्रवाल एडवोकेट ने बताया कि मनीष अपने परिवार के साथ आशापुरी कॉलोनी में रहता था और कृष्णानगर स्थित एक इलेक्ट्रिक की दुकान पर कार्य करता था। दो दिन पहले उसकी पत्नी अपने मायके गई थी। रविवार को पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन मनीष ने फोन नहीं उठाया।
इस पर पत्नी को अनहोनी की आशंका हुई तो अपने देवर को घर पर भेजा। कमरे के अंदर मनीष का शव लटका देख उसके होश उड़ गए। पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया। सीओ सिटी ने बताया कि अभी इस मामले में परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।