मथुरा की गोवर्धन पुलिस व साइबर क्राइम टीम ने साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए देवसेरस के जंगल से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनका एक साथी मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों से चोरी के मोबाइल फोन, कई राज्यों के लोगों के एटीएम, आधार कार्ड, डेबिट कार्ड व अन्य सामान के साथ नकदी बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ राजस्थान व मध्य प्रदेश में ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर इनका नेटवर्क खंगाल रही है।
थाना प्रभारी निरीक्षक ओमहरि वाजपेयी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि देवसेरस के जंगलों में कुछ लोग साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस दल के साथ साइबर क्राइम की टीम को लेकर वह गांठोली बम्बा के कच्चे रास्ते से देवसेरस के समीप खेतों में पहुंचे। आरोपी वहां साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। ये लोगों को झांसा देकर मोबाइल से ऑनलाइन पैसे अपने खातों में डलवाने की बात कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें पकड़ने की कोशिश की तो भागने लगे, लेकिन घेराबंदी करके आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक बाइक लेकर फरार हो गया।
ये हैं आरोपी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कप्तान पुत्र रुस्तम, शेकूल पुत्र चतरू, आदिल मेव पुत्र तैयब, साद मेव व साहिल मेव पुत्रगण याकूब, आसिफ व राशीद पुत्रगण अय्यूब व मजीद मेव पुत्र सफेदा निवासी गांव देवसेरस थाना गोवर्धन के रूप में हुई है। आरोपियों से आठ मोबाइल फोन, 12 फर्जी आधार कार्ड, 6 एटीएम व डेबिट कार्ड, एक मोटरसाइकिल व 10500 रुपये बरामद हुए हैं। कप्तान के खिलाफ गोवर्धन थाने के अलावा राजस्थान के भरतपुर जिले के कांमा व मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के थाना बगसेवनिया में ठगी का मुकदमा दर्ज है।
इस तरह देते थे वारदात को अंजाम
एसपी देहात त्रिगुण विशेन ने बताया कि आरोपी लॉटरी, रिश्तेदारी, ओएलएक्स आदि के नाम पर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इनका एक साथी वारिस पुत्र कमरुद्दीन निवासी देवसेरस फरार है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर देवसेरस व आसपास ऑनलाइन ठगी करने वाले अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।