श्री प्रियाकांत जू दिव्य दर्शन महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति मन मोह रही है। गुरुवार को उड़ीसा से आए प्रिंस ग्रुप में 22 कलाकारों ने अपने शरीर पर तैल और रंग के मिश्रण का लेप कर विभिन्न रूप बनाए। कलाकारों ने प्रस्तुति के माध्यम से गणेश वंदना से लेकर भगवान के दशावतार तक के दर्शन कराए।
श्री प्रियाकांत जू दिव्य दर्शन महोत्सव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार को भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुरजी ने श्रोताओं को हाथ उठवाकर कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार में कन्या का न होना एक अभिशाप के समान है। परिवार के लिए कन्या रत्न की उत्पत्ति आवश्यक है। यह व्यक्ति के पुण्य कार्यों का फल होती है। कन्या का महत्व बताते हुए देवकीनंदन महाराज ने कहा कि प्रिया के बिना कांतजू भी अधूरे हैं।
उन्होंने मानव जीवन के लक्ष्य और मोक्ष प्राप्ति की राह बताई। जीवन के कार्यों को प्रभु को अर्पण करने की सीख देते हुए उन्होंने कहा कि हमारा शरीर नष्ट होता है, लेकिन आत्मा अजर अमर है। आत्मा न जन्मती है न मरती है।