स्थानीय सारस्वत धर्मशाला में आयोजित श्रीराम कथा के समापन पर कथा प्रवक्ता अतुल कृष्ण भारद्वाज ने अनेक प्रसंग सुना कर श्रोताओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। कथा के अंत में रावण वध लीला का वर्णन किया। शाम को कथा स्थल पर भजन संध्या का आयोजन किया गया।
भजन संध्या का शुभारंभ बीके भावना और सीमा ने किया। इस दौरान वंदनाश्री ने भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को आनंदित किया। भजन मैया मैरा कराय दै ब्याह राधा गोरी से..। दाऊजी महाराज बड़े ही अलबेले, छैल छिकनिया..., गिर्राज महाराज तेरे माथे मुकुट बिराज रहौ, होली के रंग में बरसाने आदि भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में डूब नृत्य करते रहे।
इस दौरान राधाकृष्ण की मनोहारी झांकियां भी निकाली गईं। अतिथियों का स्वागत बौली सेठ, संजीव अग्रवाल ने किया। ओमप्रकाश अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, दाऊदयाल अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, सुनील गोयल, प्रवीन मान, बुद्धा सिंह प्रधान, शशि सिंघल, जगदीश पाठक आदि उपस्थित रहे।