थाना फरह के गांव चुरमुरा में बने कल्पतरु के मुख्य कार्यालय में एजेंट की आत्महत्या के बाद पूरा परिसर सोमवार को सन्नाटे में रहा। कल्पतरु ग्रुप की एक दर्जन से अधिक कंपनियाें में निवेश करने वाले निवेशक और एजेंट भविष्य को देखते हुए चिंतित रहे। कल्पतरु ग्रुप के केबीसीएल में निवेश कराने वाले एजेंट अभय सिंह की जान चली गई, लेकिन पुलिस की कार्रवाई अभी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है।
कल्पतरु ग्रुप की चिट फंड कंपनियां देश के कई राज्योें में संचालित हैं। साथ ही ग्रुप का जमीन में भी निवेश है। मथुरा में चुरमुरा और हाईवे किनारे जयगुरुदेव मंदिर के आसपास इलाके में बहुमंजिली इमारतें और फ्लैट बनाकर लोगों से निवेश कराया गया। मॉल भी खोले और कृषि व पशुपालन से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुएं भी बेचने का काम किया। ग्रुप ने अखबार भी निकाला। अब कंपनी की खस्ता हालत से निवेशक परेशान होकर कंपनी के दो दर्जन से अधिक डायरेक्टर्स को खोज रहे हैं। रविवार को केबीसीएल के एजेंट अभय सिंह की आत्महत्या के बाद यहां सन्नाटा पसरा है।
पुलिस मामले में कुछ खास नहीं कर सकी है। अभय सिंह के भाई राकेश ने कल्पतरु के मालिक के खिलाफ फरह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कार्रवाई संबंधी सवाल पर एसओ फरह ने बताया कि कल्पतरु ग्रुप के मुख्यालय पर ताला लगा रहा। वहां से कोई जानकारी, सबूत आदि नहीं मिल सका। सोमवार को अन्य राज्यों के एजेंट चुरमुरा आए, लेकिन ताला बंद देखकर लौट गए।
अधिकारियों से बनाए रखे मधुर संबंध
तीन साल पूर्व से कल्पतरु ग्रुप की माली हालत खराब होने का आभास मालिकों और डायरेक्टर्स को पहले ही हो गया था। साथ ही चिटफंड कंपनी में निवेशकों का पैसा लगाने वालों को भुगतान न मिलने पर की गई शिकायतों और उन पर होने वाली जांच-कार्रवाई से बचने के लिए ग्रुप के लोगों ने पुलिस अधिकारियों से बेहतर संबंध बनाना शुरू कर दिया था।
कल्पतरु के मुख्यालय में एजेंट की आत्महत्या मामले में मालिक के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सबूत जुटाए जा रहे हैं। अभय सिंह के परिवारीजनों ने खास सबूत पुलिस को नहीं दिए हैं। आगे और शिकायत मिलने व सबूत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- मुकुल द्विवेदी, एसपी सिटी