जवाहर बाग को लेकर एसपी सिटी तनाव में थे। अपने एक ज्योतिषी दोस्त से उन्होंने इसे शेयर भी किया था। कहा था कि कोर्ट की तलवार उन पर लटक रही है और अधिकारी जवाहर बाग खाली कराने को फोर्स नहीं दे रहे हैं।
एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी मूलत: औरेया जिले के रहने वाले थे। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में तैनात रह चुके हैं। मथुरा में उनकी पोस्टिंग भी पांच महीने पहले ही हुई थी। इससे पहले वह बरेली में तैनात थे। मथुरा में पहले पुलिस क्षेत्राधिकारी रह चुके हैं। वह जवाहर बाग को लेकर खासे चिंतित रहते थे।
मेरठ निवासी अपने एक ज्योतिषी दोस्त से भी इस मामले में पूछा था। उन्होंने कहा था कि अदालत से आदेश हो चुका है लेकिन अधिकारी कब्जा हटाने को फोर्स नहीं दे रहे हैं। वह इस संबंध में कई दफा कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ पुलिस अफसरों ने बताया कि एसपी सिटी बार बार उच्चाधिकारियों से कहते थे कि जवाहरबाग खाली कराने के लिए वह कई बार रणनीति तैयार कर चुके थे लेकिन हर बार उन्हें रोक दिया जाता था। कभी लखनऊ से प्रेशर पड़ता तो कभी स्थानीय अफसरों का।
मृदुभाषी और व्यवहार कुशल
एसपी सिटी बेहद व्यवहार कुशल थे। जिस जनपद में भी उनकी पोस्टिंग होती थी वहीं वह दोस्तों की लंबी चौड़ी लिस्ट तैयार कर लेते थे। वह मथुरा में तो दो बार रह चुके हैं। इससे पहले बरेली, मेरठ और गाजियाबाद के साथ कई जनपदों में रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी साथ में ही रहती थी। पांच दिन पहले ही पत्नी को घर छोड़कर आए थे। उनके एक छोटा भाई भी है। जिसे भी एसपी की मौत की जानकारी हुई वही बेचैन हो गया।