चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
पत्नी पर कोर्ट परिसर में चाकू से जानलेवा हमला करने वाले सैनिक को एडीजे तृतीय ने सात साल की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त 4000 रुपये अर्थदंड भी तय किया गया है। 31 अक्तूबर 2014 को नौसेपुर थाना नौहझील निवासी लक्ष्मी दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा के मामले में अपने भाई गजराज के साथ मथुरा कोर्ट आई थीं।
मामले की सुनवाई न्यायालय जेएम पंचम में होनी थी। इसी दौरान लक्ष्मी का पति प्रेमपाल भी यहां पहुंच गया। बेंच पर बैठी लक्ष्मी से पहले तो वह झगड़ा करने लगा फिर बाल पकड़कर खींचातानी शुरू कर दी। इसे देख परिसर में अफरातफरी मच गई।
ऐसे में प्रेमपाल सिंह ने चाकू से लक्ष्मी के गले को रेत दिया और कई बार भी किए। इससे लक्ष्मी के हाथ की अंगुली भी कट गई। बचाव को आए लक्ष्मी के छोटे भाई गजराज और न्यायालयकर्मी पुरुषोत्तम पर भी हमला किया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रेमपाल सिंह को पुलिस ने चाकू के साथ टैंक चौराहा से पकड़ लिया। मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नंदकुमार तिवारी ने बताया कि इस मुकदमे में गुरुवार को एडीजे तृतीय जय प्रकाश तिवारी ने अभियुक्त प्रेमपाल सिंह को इस मामले में दोषी पाए जाने पर सात साल की सजा और चार हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।