मंगलवार तड़के थाना सदर बाजार की मोती एन्कलेव कालोनी में एक जेलकर्मी प्रमोद कुमार ने अपनी पत्नी मधु (38) की बेल्ट से गला घोटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी नशे का आदी है और उसकी पत्नी ने उसे शराब की आदत छुड़वाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया था। तीन दिन पहले ही वह वहां से घर लौटा और नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने की खुन्नस में पत्नी की हत्या कर दी।
आरोपी प्रमोद कुमार मूल रूप से मोहल्ला नगला बेर, गांव सोनई का रहने वाला है। घटना के वक्त घर पर प्रमोद व मधु के अलावा बेटा प्रतीक (14) था। बेटी योग्यता उर्फ यामिनी (17) नानी के पास टेकमेन सिटी कालोनी गई हुई थी। रात में प्रमोद ने खुद मैगी बनाई और कसम देकर पत्नी और बेटे को खिला दी।
मैगी में उसने कोई विषाक्त पदार्थ मिला दिया था, जिससे उसे खाने के बाद दोनों बेहोश हो गए। प्रतीक को उल्टियां भी हुई। तड़के लगभग पांच बजे प्रमोद ने स्कूली बेल्ट का फंदा मधु के गले में डाल दिया और कसने के लिए उसमें शू ब्रुश फंसाकर ऐंठ दिया।
उसने सुबह सात बजे अपने भाई प्रदीप को फोन कर मधु की हत्या करने की जानकारी दी और फरार हो गया। प्रदीप और अन्य लोगों के पहुंचने तक भी प्रतीक गहरी नींद में था। सूचना पर सदर पुलिस व सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए।
प्रमोद 2008 तक मथुरा की जिला जेल में तैनात रहा, इसके बाद उसका ट्रांसफर एटा हो गया था। प्रमोद शराब का आदी है और शराब की लत छुड़वाने के लिए पांच माह पूर्व उसे भगवान नगर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया गया था। मधु के पिता रामसरन पाल निवासी गांव ब्याहरा, थाना इगलास अलीगढ़ ने प्रमोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में प्रतीक से पुलिस को अहम जानकारी मिली है। उससे साक्ष्य जुटाने में भी मदद ली जाएगी।