एक माह पूर्व जिले में इनामियों को पकड़ने के लिए शुरू हुए अभियान में पुलिस की नाकामी उजागर हुई है। इस दौरान एक भी अपराधी पुलिस के हाथ नहीं लगा, बल्कि एक शातिर लुटेरा नाजिम पुलिस अभिरक्षा से फरार और हो गया। इस फरार अपराधी पर पांच हजार का इनाम घोषित करना पड़ा।
अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए डीजीपी अरविंद कुमार जैन ने एक माह पूर्व सभी जिलों के पुलिस कप्तान संग बैठक कर इनामी अपराधी, माफिया और रजिस्टर्ड गैंग के अपराधियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसमें 12 से 24 मई तक विशेष अभियान के तहत बड़े अपराधियों और माफिया को अंदर का रास्ता दिखाने को कहा गया। इसमें बताया गया कि जिले में 71 इनामी, 34 माफिया और 29 रजिस्टर्ड गैंग के 200 से अधिक सदस्य इस समय खुले में घूम रहे हैं।
अभियान की शुरुआत हुई और दरोगाओं ने दो-तीन दिन इनामियों को पकड़ने के लिए दबिश दी, लेकिन कोई बड़ा अपराधी हाथ नहीं लग सका। इसके बाद 25 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरह आगमन को लेकर अधिकारी व्यवस्थाओं में व्यस्त हो गए और अभियान हवा में उड़ गया। 25 के बाद हुई अभियान की समीक्षा में नतीजा सिफर रहा।
अकेले हाथिया में 56 इनामी अपराधी
अपराध का गढ़ और मंडी माने जाने वाले थाना बरसाना के गांव हाथिया में ही 56 इनामी अपराधी हैं। पुलिस पर हमला कर सिपाहियों की हत्या कर चुके गांव के बदमाश छह बार पुलिस को पीट चुके हैं। इस गांव में पुलिस दबिश देने से पूर्व दस बार सोचती है। यही कारण है यहां के अपराधियों पर इनाम बढ़ता जा रहा है और वे पुलिस पकड़ से दूर हैं।