दोहरे हत्याकांड को लेकर जगन्नाथपुर गांव में शनिवार को भी तनाव बना रहा। शुक्रवार देर रात पुलिस सुरक्षा में मृतक राजगीर प्यारेलाल सरोज के बेटे विक्रम का शव भी गांव पहुंचा। शनिवार सुबह बाप-बेटे की अर्थी साथ उठी तो गांववालों का कलेजा कांप उठा। इसी दौरान परिजन दोनों शव हत्यारोपियों के दरवाजे के सामने दफन करने पर अड़े जिससे एक बार फिर तनातनी का माहौल हो गया। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद गांव में ही स्थित मृतक प्यारेलाल के बाग में दोनों शव दफनाए गए।
इससे पहले तनातनी की खबर मिलते ही गांव में अफसरों की फौज जमा हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह के साथ कई थानों की फोर्स और एडीएम पुनीत शुक्ला व एसडीएम वाईबी सिंह भी पहुंचे। अफसरों ने घंटों परिजनों को समझाया और इसके बाद ही शवों का अंतिम संस्कार किया जा सका। एक साथ दो अर्थियां उठीं तो परिजनों में कोहराम मच गया। उनकी हालत देख गांव वालों की अंाखें भी नम हो गई। कुछ राजनीतिक दलों के लोग भी पीड़ित परिवार को ढंाढस बंधाने पहुंचे।