चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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इंडस्ट्रियल एरिया की जमीन पर कब्जे को लेकर जयगुरुदेव आश्रम का यूपीएसआईडीसी से भी विवाद चल रहा है। आवंटित प्लाटों पर दो दशक बाद भी उद्यमियों कब्जा नहीं मिल पाया है और मामला कोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन ने भी नए सिरे से इस लड़ाई को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बाबा जयगुरुदेव आश्रम का विवादों से वर्षों पुराना नाता है। सर्वाधिक विवाद यहां जमीन के संबंध में है। अब मंदिर परिसर में बाबा की समाधि को लेकर आए हाईकोर्ट के नए आदेश के बाद इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन ने उद्यमियों को आवंटित प्लाट पर कब्जा मुक्त कराने के संबंध में संघर्ष की तैयारी शुरू कर दी है। नई परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक लड़ाई तेज करने और मामले की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। इसके लिए जल्द ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक बैठक भी बुलाई जा रही है।
बता दें, तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार में ग्राम पंचायत महोली की जमीन उपहार स्वरूप बाबा जयगुरुदेव आश्रम को दी गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस जमीन पर निर्माण रोकने के आदेश दिए हैं। लेकिन, शासन और प्रशासन की अनदेखी से इस स्थल पर निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। निर्माणाधीन भवन बाबा के समाधि स्थल को भव्यता प्रदान की जा रही है। अब तक हुए निर्माण पर राज्य सरकार के साथ मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को भी हाईकोर्ट में जवाब देना है।