जवाहर बाग कांड में आग के हवाले हुई गाड़ियों की हकीकत से पर्दा आगरा की फोरेंसिक टीम हटाएगी। 16 अगस्त को आगरा की फोरेंसिक टीम ने चैसिस एवं इंजन नंबर के लिए इन गाड़ियों को चेक किया।
दो जून को जवाहर बाग कांड में दो पुलिसकर्मियों सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी।
इस दौरान आगजनी में जवाहर बाग कांड के सूत्रधार रामवृक्ष यादव की यहां रखी गाड़ियां भी जल गई थीं। आग से गाड़ियों ये हालत हुई कि नंबर प्लेट ही नहीं चैसिस और इंजन नंबर भी नहीं पढ़ने में आ रहे।
अब आगरा की फोरेंसिक टीम इन गाड़ियों से चैसिस और इंजन नंबर पता कर रही है। मंगलवार को टीम जवाहर बाग पहुंची। टीम ने घंटे से अधिक समय तक यहां गाड़ियों को चेक किया। सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि आगजनी से मिट चुके इंजन और चैसिस नंबरों को फोरेंसिक टीम के एक्सपर्टों ने जुटाया है। हालांकि अभी तक इस संबंध में फोरेंसिक टीम ने कोई खुलासा नहीं किया है।