व्हाट्सएप और फेसबुक पर स्थानीय छात्राओं और युवतियों के अश्लील फोटो व क्लिप वायरल करने का मामला यूपी पुलिस के एडीजी तक पहुंच गया है। एसएसपी मथुरा ने आरोपियों की धरपकड़ को कई टीम लगाई हैं। साइबर सेल के साथ क्राइम ब्रांच भी जांच में मदद कर रही है। एलआईयू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी प्रारंभिक पड़ताल की। खुफिया विभाग ने भी एक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी है। इधर एडीजी की ओर से एसटीएफ को जांच सौंपे जाने की भी चर्चा है।
एसएसपी बबलू कुमार ने जांच एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी को सौंपी है। मंगलवार देर रात्रि पीड़ित परिवारीजनों की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 292, आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बुधवार को सीओ सदर आलोक दुबे और कोतवाली प्रभारी मुनीश चंद्र ने दस पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारीजनों के बयान दर्ज किए।
बुधवार को कनकधारा फाउंडेशन की संस्थापक डा. लक्ष्मी गौतम ने कहा कि बेटियों को बदनाम करने के मामले में दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। यह मामला पीड़ित छात्राओं का नहीं बल्कि संपूर्ण नारी शक्ति का है। वहीं बताया गया है कि प्रदेश के एडीजी दलजीत चौधरी ने मामले के खुलासे के लिए एसटीएफ को लगाया है। इस बारे में सीओ सदर आलोक दुबे ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, मथुरा पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने के पूरे प्रयास कर रही है।