तहसील में जमीनों का फर्जी बैनामा करने वाला बड़ा रैकेट काम कर रहा है। कई मामले सामने आने के बाद भी प्रशासन ने सुध नहीं ली है। फर्जीबाड़ा में फंसे गैर प्रांतों के किसान अब परेशान हैं। करोड़ों रुपया इधर से उधर हो रहा है। खासकर कटरी के इलाके में ऐसा हो रहा है। जाहिर है कि अगर पारदर्शिता से पड़ताल होने पर कई की गर्दन फंस सकती है, लेकिन पुलिस-प्रशासन इसे नजरअंदाज कर रहा है।
ताजा मामला तहसील क्षेत्र के गांव सूरजपुर खाम (सबलपुर) का है। यहां मर चुके एक किसान समेत तीन लोगों की जमीनों का बैनामा दूसरे व्यक्तियों के फोटो लगाकर कर दिया गया। बैनामा में जिनकी फोटो लगी हैं, उन्हें क्षेत्र में कोई व्यक्ति पहचानता तक नहीं। क्रेता के परिवारवाले जब लेखपाल को लेकर जमीन पर कब्जा करने पहुंचे तो फर्जीबाड़े का भंडाफोड़ हुआ। रामपुर जिले के गांव धर्मपुर की गुरमिंदर कौर पत्नी सुरेंद्र सिंह ने दातागंज के गांव सूरजपुर खाम (सबलपुर) में तीन लोगों से 24 बीघा जमीन खरीदी थी। सबलपुर नवदिया निवासी ज्वाला पुत्र मैकू की मौत तीन साल पहले ही हो चुकी है। ज्वाला की जमीन का बैनामा भी गुरमिंदर के नाम कर दिया गया। इसके अलावा नवदिया सबलपुर के हरीराम पुत्र किंदर और सुंदर पुत्र राम सहाय की आठ-आठ बीघा जमीन का भी गुरमिंदर के नाम फर्जी बैनामा कर दिया गया। बैनामा में दर्ज है कि क्रेता ने चार लाख रुपये विक्रेताओं को नकद दिए। जबकि 90 हजार रुपये चेक संख्या 008180 के जरिए राजेंद्र नाम के एक व्यक्ति के बैंक खाता संख्या 2432290004 में डाले गए।
गौर करने वाली बात यह है कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में है। कई बार तहसील दिवस में भी शिकायतें की गईं, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वर्जन-
फर्जी बैनामा संबंधी मामला जानकारी में है। इस संबंध में तहसील दिवस में शिकायत आ चुकी है। मामले में पड़ताल कराई जा रही है। फर्जीबाड़ा करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।- ओपी तिवारी, एसडीएम दातागंज