युवती के परिवारीजनों के अनुसार वह इरशाद के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती रही। बार-बार कहती कि वह चला जाए। वह बार-बार शीशी को उसकी तरफ करने लगता था। इरशाद जाग चुकी मां-बहन और भाई को भी धमका रहा था।
युवती ने अपने चेहरे को हाथों से छुपा लिया था। इरशाद ने कहा कि ठीक है वह तेजाब नहीं फेंकेगा। लेकिन जैसे ही उसने चेहरे से हाथ हटाया इरशाद ने तेजाब उस पर फेंक दिया।
चादर उठाकर पहचाना चेहरा, फिर डाला तेजाब
छत पर सभी चादर ओढ़े हुए थे। युवती को पहचानने के लिए इरशाद चादर उठाकर चेहरा देखने लगा तो सबसे पहले मां की चादर उठाई। मां जाग गई। इसके बाद उसने बगल में सो रही युवती की चादर उठाई, उसे जगाया। इस बीच बहन भी जाग गई थी। वह उनको लगातार तेजाब डालने की धमकी देता रहा।
दोस्त के भाई से लाया था तेजाब
पुलिस गिरफ्त में आए इरशाद ने बताया कि वह अपने छोटे भाई के दोस्त अशरफ के यहां से पायल चमकाने का बहाना करके एक शीशी में तेजाब लेकर आया था। उसने कहा था कि वह पायल सफाई का काम करने लगा है। वह शाम को ही तेजाब ले आया था। रात होने का इंतजार किया और मौका देखकर युवती के मकान की छत पर चढ़ गया।
करनी का कोई पछतावा नहीं शातिर इरशाद को
इरशाद को अपनी करनी पर कोई पछतावा नहीं है। थाना गोविंदनगर में जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो बड़ी ही तसल्ली से बोला कि मैं नहीं चाहता था कि तेजाब चेहरे पर ज्यादा पड़े। एक साइड को थोड़ा सा दाग बनाना चाहता था। लेकिन अचानक गुस्सा आया और पूरी शीशी ही फेंक दी।
पूछताछ में इरशाद ने बताया कि उसने प्लान बनाया था। अगर युवती के चेहरे पर तेजाब डालकर निशान बना दूंगा तो उससे कोई शादी नहीं करेगा। बाद में मैं उससे निकाह कर लूंगा। जब उससे पूछा गया कि अगर वह मर जाती तो। बोला, मैं भी अपने आप को समाप्त कर लेता।