मथुरा। घर में घुसकर लूट के इरादे से पेेंटर द्वारा किए गए जानलेवा हमले में पेेंटर और उसके दो साथियों को दोषी मानते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी-2 छाया शर्मा ने पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
औरंगाबाद इंदुपुरम निवासी हुकुम सिंह के घर पर 15 मई 2008 को जय प्रकाश निवासी हजरतपुर जिला एटा वर्तमान निवासी औरंगाबाद पेंट करने आया था। हुकुम सिंह उसे पेंट करने के लिए कहकर काम से चले गए। इसके बाद जयप्रकाश ने लूट के इरादे से अपने दो साथी छोटे पुत्र तुलसी राम और अशोक पुत्र करुआ को बुलाकर हुकुम सिंह की पत्नी विद्यावती पर हमला कर दिया। हमले में विद्यावती गंभीर रूप से घायल हो गई। मामले में हुकुम सिंह ने थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी-2 छाया शर्मा ने जय प्रकाश, छोटे और अशोक को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि निर्णय के बाद को अभियुक्तों को जेल भेजा गया है।