कोसीकलां में कफ सीरप के साथ पकड़े गए आरोपियों की जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र।
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कोसीकलां (मथुरा)। लॉकडाउन में नशीली प्रतिबंधित दवाओं का गोरखधंधा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान बीस लाख रुपये के कफ सीरप को जब्त किया है। पुलिस सीरप को खपाने वाले खरीदारों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
एसपी देहात श्रीशचंद ने सोमवार को बताया कि मुखबिर से पुलिस को एक ट्रक में प्रतिबंधित कफ सीरप के होने की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने उसे औद्योगिक क्षेत्र से पकड़ लिया। ट्रक में कोडिन कफ सीरप भरा था। इस गोरखधंधे को चलाने वाले गौरीशंकर पुत्र श्याम बाबू निवासी कृष्णा नगर कोसीकलां, सूरज सिंह पुत्र सुरेश निवासी कोटर कादर रायपुर बिजनौर, राघवेंद्र कुमार पुत्र राजेंद्र लहरापुर, अकबरपुर, कानपुर देहात, संजय पुत्र रतन लाल निवासी गोपाल बाग कोसीकलां को गिरफ्तार किया है। सभी का चालान कर दिया गया है। एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि ये लोग किस-किस को इस सीरप की डिलीवरी करते हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।
कमीशन का काम करने वाला बन गया ड्रग माफिया
कफ सीरप की बोतल अब खांसी में ही कारगर नहीं रह गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह सस्ती होती है और इसमें कोई गंध भी नहीं बाती। इन्हीं खूबियों की वजह से नशेड़ी बड़ी तादाद में इसके जाल में फंस रहे हैं। हरियाणा के मेवात क्षेत्र में लोग कफ सिरप का नशा करते हैं। इन राज्यों में अवैध रूप से इन नशीली दवाओं के लिए कोसी एक मुफीद केंद्र की तरह काम कर रहा है। हालत यह है कि 100 रुपये का कफ सीरप 250 रुपये तक बेचा जा रहा है। औषधि नियंत्रण विभाग की लापरवाही के चलते कालाबाजारी करने वाले माफिया का जाल फैलता जा रहा है।
सूत्रों की माने तो नशीली दवाओं का सबसे बड़ा ड्रग माफिया स्थानीय निवासी है। कुछ वर्ष पहले कमीशन पर काम करने वाले युवक ने इतना बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया कि आज उसके हर महीना नशीली दवाइयों के 8 से 10 ट्रक पंजाब, हरियाणा भेजे जाते हैं। इतने बड़े पैमाने पर काम करने के बावजूद ड्रग माफिया विभाग की पकड़ से दूर है। एक माह पूर्व ही करोड़ों रुपये की प्रतिबंधित दवाएं मथुरा के एक गोदाम से पंजाब पुलिस ने पकड़ी थी। इसके अलावा दो माह पूर्व भी पुलिस ने एक कॉलोनी के बने मकान में छापा मारकर 100 से अधिक पेटी कोडिन सीरप बरामद किया था। इस संबध में ड्रग इंस्पेक्टर अनिल आनंद का कहना था कि लगातार सूचना पर छापा मारकर इस कारोबार में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती है।