ऐतिहासिक महत्व के मंदिरों में शामिल प्राचीन राधा वल्लभ मंदिर (हित हरिवंश महाप्रभु मंदिर) का सौंदर्य संरक्षण के अभाव में दम तोड़ रहा है। मंगलवार को चूना झड़ने पर लोगों ने छत की ओर गहना से देखा तो उसमें कई नई दरारें पड़ी हुई थीं। साथ ही छत पर सीलन की नजर आ रही है।
लोगों का कहना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की उदासीनता के चलते यह ऐतिहासिक इमारत का यह हाल है। लाल पत्थर से निर्मित इस प्राचीन मंदिर का अपना इतिहास और स्थापत्य है। वर्तमान में इसका लगातार क्षरण हो रहा है। क्षेत्रीय वाशिंदों योगेंद्र वल्लभ गोस्वामी, रामपाल, सतीश गोस्वामी, सिद्धार्थ ने बताया कि इसकी शिकायत एएसआई के संरक्षण सहायक एसके कुलश्रेष्ठ की गई है।
अनदेखी पर श्रद्धालुओं में रोष
वृंदावन। इस प्राचीन मंदिर की बेकदरी से सेवायतों और श्रद्धालुओं में रोष है। मंदिर के सेवायतों ने विभाग से इस धरोहर के संरक्षण की मांग की है। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले भी मंदिर में पानी रिसने, सीलन आने और पत्थरों के टूटने की शिकायत की गई थी।
ये भी हैं प्राचीन धरोहर
वृंदावन। प्राचीन राधा वल्लभ मंदिर (हित हरिवंश महाप्रभु मंदिर) के साथ ही वृंदावन के तीन अन्य प्राचीनतम मंदिर पुरातत्व विभाग की धरोहर श्रेणी में शामिल हैं। इनमें जुगल किशोर मंदिर, मदन मोहन मंदिर और गोविंददेव मंदिर विभाग द्वारा संरक्षित है।