पूरे विश्व को अपने सौंदर्य से आकर्षित कर रहीं बिहारीजी की कुंज गलियों को और संवारने की योजना है। पर्यटन विभाग इसके सहारे धर्मनगरी और आसपास क्षेत्र को पर्यटन का केंद्र बनाना चाहता है। प्रदेश के पर्यटन सचिव ने मंगलवार को एमवीडीए के सभागार में बैठक कर अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मथुरा में मुख्य केंद्र बनाने के साथ, गोवर्धन, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव और महावन क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा।
विश्व बैंक से अनुदानित प्रो-पूअर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की बैठक के बाद पर्यटन सचिव अभिजात ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का मथुरा जिले पर विशेष ध्यान है। जिसके चलते यहां पर्यटन विभाग विशेष योजना अमल में लाने जा रहा है।
वृंदावन में बिहारीजी मंदिर की ओर जाने वाली गलियों को अतिक्रमण से मुक्त कर सुव्यवस्थित बनाना, बिजली की लटकती केबल, टूटी सड़क और सफाई व्यवस्था में सुधार इसका अंग है। उन्होंने बताया कि बरसाना में एक साल के अंदर यात्री रोपवे से श्रीराधारानी के दर्शन कर सकेंगे। इसके पीपीपी मॉडल के तहत बनाने के लिए कई कंपनियां तैयार हैं। इसके अलावा मथुरा-वृंदावन रोड पर अहिल्यागंज स्थित 400 एकड़ में वन क्षेत्र विकसित करना, पर्यटन पुलिस की स्थापना भी होनी है।
पर्यटन सचिव के अनुसार मथुरा शहर के विश्राम घाट के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव वित्त विभाग ने स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही उस पर कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाना है। बैठक में सीडीओ आंद्रा वांमसी, एमवीडीए के उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप सिंह, विनीत नारायन, सचिव श्याम बहादुर सिंह आदि उपस्थित थे।