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एनजीटी के आदेश को कोर्ट में चुनौती, सुनवाई आज

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मथुरा। छावनी परिषद क्षेत्र में कूड़े के निस्तारण में लापरवाही पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर लगे 5 लाख के जुर्माने के खिलाफ दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। लापरवाही पर एनजीटी ने छावनी पर 10 लाख और प्रदूषण बोर्ड पर 5 लाख का जुर्माना तय किया था। छावनी बोर्ड ने अपना जुर्माना अदा कर दिया था। जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चला गया था।
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तपेश भारद्वाज ने वर्ष 2016 के नवंबर माह में एनजीटी में याचिका दायर की थी। इसमें प्रमुख रूप से छावनी क्षेत्र में कचरा प्रबंधन में लापरवाही से यमुना में ऑक्सीजन स्तर शून्य हो जाने और कचरे की वजह से उत्पन्न होने वाली बीमारियों का उल्लेख था। याची किे दस्तावेज एवं फोटोग्राफ को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच के आदेश दिये थे।
इसमें लापरवाही पर एनजीटी ने छावनी पर 10 लाख और प्रदूषण बोर्ड पर 5 लाख का जुर्माना तय किया था। छावनी ने 10 लाख रुपये का जुर्माना जमा करते हुए कूड़ा निस्तारण का प्रबंध कर दिया है, जबकि प्रदूषण बोर्ड ने एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। याची के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने बताया कि तपेश भारद्वाज मामले में शुक्रवार को फैसला होगा।
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