ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए और मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा के लिए फैसला लिया गया कि वर्तमान रिसीवर अपने दायित्व को सुनवाई की तिथि तक पूर्व की भांति निर्वहन करते रहेंगे, लेकिन विशेषज्ञों की समिति की निगरानी में यह काम होगा। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, दान पात्र/गुल्लक और वर्तमान जमा धनराशि का दुरुपयोग न हो पाए।
दान दाताओं के लिए ऐसी कोई रसीद न काटी जाए। ताकि मंदिर का कोई अहित हो। निगरानी कमेटी में मथुरा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमाकांत चतुर्वेद को रिसीवर के पूर्व अनुभव की दृष्टि से, प्रबंधन के अनुभव के दृष्टि से चेयरमैन बीएसए उमाशंकर अग्रवाल और वैधानिक सहयोग के लिए सिविल विधि के जानकार एडवोकेट अभिज्ञ सिंह को शामिल किया गया है।
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यह है पूरा विवाद
लाडली जी मंदिर में गुल्लक तोड़ने से जुड़ा विवाद है। इसमें सिविल जज जूनियर डिवीजन के आदेश पर कार्यवाहक रिसीवर सहित चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज कर रखा है। बता दें कि 20 मार्च की रात लाडली जी मंदिर में गुल्लक खोलने को लेकर मंदिर सेवायत भगवान दास गोस्वामी व सह रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी के बीच विवाद हो गया था। बरसाना पुलिस भी पहुंच गई थी।
वहीं रात में मंदिर में हुए बवाल को लेकर कस्बे निवासी रसिक मोहन गोस्वामी ने सिविल जज जूनियर डिवीजन के यहां सह रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी, श्रीदामा गोस्वामी, ध्रुवेश गोस्वामी व पवन भट्ट निवासी बरसाना के खिलाफ गुल्लक तोड़ने व रुपये चोरी करने का प्रार्थना पत्र दिया। इस पर कोर्ट ने बरसाना पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए थे। बरसाना पुलिस ने सह रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी, श्रीदामा गोस्वामी, ध्रुवेश गोस्वामी व पवन भट्ट निवासी बरसाना के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर रखा है।