गांव जाव में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने होली चौक में मिट्टी भराई का कार्य मनरेगा में दिखाकर तीन लाख 69 हजार रुपये खर्च दर्शाया है। जबकि हकीकत में यह कार्य कोकिलावन मंदिर की ओर से कराया गया था।
गांव के युवाओं ने तत्कालीन ग्रामप्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच के लिए इंटरनेट की मदद ली। उन्होंने मनरेगा की वेबसाइट पर गांव में कराए गए विकास कार्यों के बारे में जानकारी की तो उनकी आंखें फटी रह गईं। इसमें तत्कालीन प्रधान ने मिट्टी के कार्य के लिए तीन लाख 69 हजार रुपये खर्च दर्शाया था। तब जाकर प्रधान के गोलमाल की पोल खुली।
इधर, कोकिलावन स्थित शनि धाम मंदिर के महंत प्रेमदास महाराज ने बताया कि गांव के होली चौक का कार्य मंदिर की ओर से कराया गया था। इस पर ग्रामीण कमल, सत्यभान, उधम और गणेश ने मामले की शिकायत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से की।
बताते चलें कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीम शुक्रवार को गांव जाव में मनरेगा कार्यों में धांधली की जांच करने पहुंची थी। पूर्व प्रधान मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की सूची टीम को उपलब्ध नहीं करा सके। इस पर टीम ने उनको दस्तावेज और कार्यों का ब्यौरा तैयार करने के लिए दस दिन का समय दिया है। मनरेगा में धांधली के मामले में यह दूसरी शिकायत है। पहली शिकायत की जांच सीबीआई कर रही है।