जनपद के दो हजार से अधिक शिक्षामित्रों ने समायोजन को अवैध घोषित किए जाने का विरोध करते हुए राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की है। इस आशय का राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन शिक्षामित्रों ने सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपा। इससे पूर्व उन्होंने पैदल मार्च निकालकर विरोध किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों के समायोजन को अवैध घोषित किए जाने के फैसले से जनपद के करीब दो हजार शिक्षामित्र प्रभावित हुए हैं। सोमवार को इसके विरोध में जनपदीय शिक्षामित्रों ने टैंक चौराहे से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जमीन पर बैठकर धरना दिया। इच्छामृत्यु की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इससे पूर्व दो प्रादेशिक संगठन उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन विरोध में एक हो गए। जिलाध्यक्ष खेम सिंह चौधरी, दुष्यंत सारस्वत ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय से शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। रमाकांत चौधरी, राजकुमार चौधरी, संजय सिसौदिया, तेजवीर सिंह, राजीव कुमार, वीरेंद्र कुमार, नवीन शर्मा, अजयपाल सिंह, नरेश चौधरी, वेदवीर सिंह, धमेंद्र यादव, दीपक, ओमवती शर्मा, रेखा शर्मा, गायत्री देवी, मुनेश कुमारी, सरोज, रेखा, राखी आदि उपस्थित रहीं।
चार महिला शिक्षामित्रों की तबियत बिगड़ी
चार महिला शिक्षामित्रों शशी विमल, अनीता कुमारी, जानकी, पुष्पा की धरने के दौरान तबियत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनीता कुमारी की हालत गंभीर बताई गई है।
सांसद कार्यालय का होगा घेराव
उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन मंगलवार को सांसद हेमामालिनी कार्यालय का घेराव करेगी।
आज भी सामूहिक हड़ताल
सोमवार के बाद मंगलवार को भी शिक्षामित्र सामूहिक हड़ताल पर रहेेंगे। तालाबंदी कराकर विद्यालय बंद कराए जाएंगे। शाम को सात बजे डैंपियर नगर स्थित शहीद भगत सिंह पार्क से कैंडल मार्च निकाला जाएगा।