मथुरा। छाता चीनी मिल पर चल रहे धरने में नया मोड़ आया है। भूतपूर्व सैनिक परिषद के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार ने धरने को बड़ी साजिश बताकर जवाहरबाग कांड जैसी स्थिति दोहराए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पवन कुमार ने कहा कि संगठन में सेवानिवृत्त सूबेदार ललित कुमार और उनकी पत्नी चंचल देवी को संस्थापक बताया गया है जबकि संस्थापक सदस्य कैप्टन मोहरपाल सिंह, हरपाल सिंह, सूबेदार जीवन सिंह, पवन कुमार एवं महेशचंद हैं। उन्होंने संगठन के पंजीकरण में सिविल गवाह बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए ललित की संपत्ति की जांच की मांग की। आरोप है कि पिछले दो वर्ष से संगठन के नाम पर लोगों को गुमराह किया गया है। उन्होंने धरने के लिए जुटाए धन के स्रोत, उपयोग और दस्तावेज, पदाधिकारी, बैंकिंग, दान और मिल की जमीन से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की है।
पवन ने कहा कि परिषद का उद्देश्य पूर्व सैनिक, उनके परिवार एवं वीर नारियों के अधिकारों की रक्षा करना है। यहां इसका राजनीतिक लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने किसानों और क्षेत्रवासियों से भूतपूर्व सैनिक संगठन के नाम पर इन लोगों से सावधान रहने को कहा है। इस दौरान पूर्व सैनिक विनोद फौजी, मुरारी लाल, वीरेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।