ब्रज में विरोध के बाद हुआ सर्वे
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर 296 किलोमीटर लंबी ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का विकास नेशनल हाईवे प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। इस पर पिछले दिनों मथुरा और अलीगढ़ सहित कुछ अन्य स्थानों पर विरोध हुआ। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीएलए विवि में आगमन के दौरान अधिकारियों को बाह्य परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसी के तहत 265 किलोमीटर परिक्रमा का सर्वे कर रपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की गई। इसमें 158 किलोमीटर यूपी, 71 किलोमीटर राजस्थान और 37 किलोमीटर हरियाणा का दायरा है।
तत्काल अमल से हरकत में आए अफसर
ब्रज चौरासी कोस बाह्य परिक्रमा को लेकर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सर्वे रिपोर्ट पर तत्काल अमल शुरू हो गया है। यूपी में विकास कार्यों के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण ने रिपोर्ट पर काम करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी किए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री के निर्देश पर पलवल डीएम नेहा सिंह ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ से हरियाणा क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट मांगी है।
तीन साल बाद होती है अधिक मास परिक्रमा
अधिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा प्रत्येक तीन साल बाद होती है। यूपी, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश के करीब एक करोड़ लोग परिक्रमा करेंगे। हालांकि प्रत्येक वर्ष होने वाली ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का मार्ग दूसरा है। इस बार श्रावण मास में अधिक मास की परिक्रमा होगी। इसी को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाह्य परिक्रमा के सर्वे के बाद रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत कर दी है। इसमें 265 किलोमीटर के दायरे में विकास प्रस्तावित है। इसमें राजस्थान अंतर्गत 71 किलोमीटर परिक्रमा क्षेत्र लगभग पूर्ण है। यूपी और हरियाणा में विकास होना है। इसके लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं।