मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि इस देश में जेएनयू के अलावा भी मुद्दे हैं। जेएनयू पर बहस छिड़ी है, जो निष्कर्ष आएगा हम भी मान लेंगे। उन्होंने कहा कि बात विकास की होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को छाता स्थित अशर एग्रो के कार्यक्रम के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सपने दिखाए थे वह पूरे होते नहीं दिखते। उन्होंने कहा कि इस देश में सभी मजहब के लोग रहते हैं, यही अपने देश की खासियत है।
जनता को यह समझना चाहिए कि ऐसे कौन लोग हैं जो इस मुद्दे को चलाए रखना चाहते हैं। जो लोग इस मुद्दे पर देश की चिंता कर रहे हैं उनके अलावा भी जो लोग है उन्हें भी देश की पूरी चिंता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में धर्म और जाति के नाम पर मतभेद भले हो सकते हैं लेकिन सबको अपनी मातृभूमि से प्यार है। सभी देश के प्रति समर्पित हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अशर एग्रो के कार्यक्रम में भी केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। तंज कसा कि जिन्होंने सपने दिखाये वो अब कहां है। उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली है लेकिन देश में इस समय कन्हैया की चर्चा है।
इसके बाद उन्होंने बेरोजगारी, किसानों को खुशहाल करने की चुनौतियों का जिक्र किया। कहा कि सूबे की सरकार खेती से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा दे रही है जहां रोजगार की संभावनाएं हैं। रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में परिवर्तन हो रहा है विश्व के लोग ग्रीन टेक्नोलॉजी की ओर जा रहे हैं। अशर के ईको पावर प्लांट से क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार समाजवादी पेंशन योजना लाई है। छात्र, पहलवान, खिलाड़ियों का सम्मान कर रही है। अब कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर ये योजनाएं बतानी हैं।