मथुरा। मकान के नामांतरण के एक प्रकरण में करीब तीन माह तक निस्तारण न होने और पटल से आवेदन पत्र गायब होने पर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कार्यवाहक लिपिक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्हाेंने लिपिक के वेतन पर भी रोक लगा दी है।
जनसुनवाई में अभिषेक कुमार ने शिकायत की दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अपने दिवंगत पिता के नाम दर्ज मकान के नामांतरण के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज नियमानुसार निगम में जमा किए थे। करीब तीन माह बीत जाने के बाद भी न तो नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई और न ही कोई निर्णय लिया गया। आरोप है कि संबंधित पत्रावली को लंबित रखा गया और बाद में दोबारा आवेदन देने के लिए कहा गया।
पीड़ित अभिषेक शनिवार को नगर आयुक्त से मिले और अपनी व्यथा बताई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने कार्यवाहक लिपिक प्रेम चौधरी को तलब कर आवेदन की स्थिति पूछी। पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। कार्य में लापरवाही मानते हुए नगर आयुक्त ने लिपिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने तक वेतन पर रोक लगा दी गई है।