सदर तहसील पर हमले के बाद जवाहर बाग खाली कराने के लिए आंदोलनरत कर्मचारियों का अब प्रशासन से टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। सोमवार को वार्ता के लिए गए अफसरों ने बात न बनने पर कर्मचारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिला मुख्यालय पर कलक्ट्रेट, सदर तहसील और राजीव भवन सहित कई कार्यालयों में ताले पड़े हुए हैं। कर्मचारी कामकाज छोड़कर कलक्ट्रेट स्थित वटवृक्ष के नीचे धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे सरकारी कामकाज बुरी तरह से प्रभावित है। आंदोलनरत कर्मचारियों ने सोमवार को फिर साफ कर दिया कि जब तक सरकारी संपत्ति जवाहर बाग को खाली नहीं करा दिया जाता है, हड़ताल जारी रहेगी। इस तरह दिन भर भाषण और नारेबाजी का दौर चला। कर्मचारी नेता अफसरों को कोसते नजर आए।
शाम को धरना स्थल पर कर्मचारियों से वार्ता के लिए एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी, सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार और एसडीएम गोवर्धन राजेश कुमार पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच वार्ता का कोई समाधान नहीं निकला। प्रशासनिक अफसर हड़ताल खत्म करने की अपील करते रहे लेकिन कर्मचारी नेताओं ने बगैर जवाहर बाग खाली किए हड़ताल खत्म करने से इंकार कर दिया। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष चौधरी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस पर एडीएम प्रशासन ने कर्मचारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी।
धरना के दौरान चौधरी गिरेन्द्र सिंह, भगवान सहाय, हीरालाल निषाद, रामबाबू जादौन, रामवीर शर्मा, कृष्ण मुरारी वर्मा, कृष्ण गोपाल अग्रवाल, शरद शर्मा, रघुवीर सिंह, विनोद कुमार सक्सेना, मोहन स्वरूप त्रिपाठी, बलवीर सिंह, चंद्रपाल पोनिया, अमरनाथ उपाध्याय, संतोष गुप्ता, महेन्द्र पाल शर्मा, चुन्नी लाल आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता चंद्रपाल वार्ष्णेय ने की। संचालन ईश्वरी प्रसाद ने किया।
सूखा राहत का चेक लेने आया था...
चार अप्रैल को जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले लोगों के हमले का शिकार हुए मुरारी सिंह और कालीचरण ने बताया कि वे सूखा राहत के चेक लेने के लिए सदर तहसील आए थे। अचानक लोगों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। किसी तरह उन्होंने जान बचाई। विजय कुमार वर्मा स्टांप विक्रेता ने बताया कि वह अपना काम कर रहे थे कि लोगों में भगदड़ मच गई। दो लोगों ने उन्हें भी लाठियों से पीटा।
डीएम ने राजीव भवन में की बैठक
कलक्ट्रेट में तालेबंदी के चलते डीएम ने सोमवार को विकास कार्यों की समीक्षा के साथ हेरिटेज सिटी की बैठक राजीव भवन स्थित सभागार में की। कलक्ट्रेट में आंदोलनरत कर्मचारी सभागार के सामने ही वट वृक्ष के नीचे धरना दे रहे हैं।