महिलाओं का आरोप है कि इसी दौरान सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार अपनी टीम के साथ आए और उन्होंने महिलाओं को धमकाना शुरू कर दिया। विरोध दर्ज कराने के लिए पहुंची लॉ स्टूडेंट किशोरी गोस्वामी ने आरोप लगाया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें धारा 144 (बीएनएस के अनुसार वर्तमान में यह धारा बदल गई है) लागू होने की बात कहते हुए एफआईआर कराने की धमकी दी। साथ ही उनके पतियों पर भी कार्रवाई करने की बात कहते हुए धमकाया। कहा कि प्रदर्शन करना है तो अनुमति लेनी होगी। इससे महिलाओं में आक्रोश है।
नीलम गोस्वामी का कहना है कि महिलाओं ने किसी प्रकार से कोई शांतिभंग नहीं की है। वह अपने बिहारी जी से प्रार्थना कर रही हैं, जिसका उन्हें पूरा अधिकार है। उन्होंने मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। आनंद किशोर गोस्वामी और हिमांशु गोस्वामी ने भी अधिकारी के इस रवैये को गलत बताया।
मां कात्यायनी से की प्रार्थना
महिलाएं कात्यायनी मां के मंदिर पहुंची। वहां उन्होंने माता रानी से प्रार्थना कि वह कॉरिडोर से बचाने में उनकी मदद करें। उनके घर उजड़ रहे हैं। इस दौरान ललिता गोस्वामी, नेहा गोस्वामी, ममता गोस्वामी, निशा शर्मा, मधु गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
धमकी देने का आरोप गलत
मामले में सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार का कहना है कि महिलाओं द्वारा धमकाने का आरोप गलत है। मंदिर के बाहर प्रदर्शन करने से यातायात बाधित रहता है। इस कारण से उन्होंने केवल समझाया और कहा कि प्रदर्शन करना है तो अनुमति ले आएं। वहीं डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने भी ऐसे किसी मामले की जानकारी से इन्कार किया है।
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