मथुरा। चित्रकूट जेल में हुई गैंगवार के बाद मथुरा जेल में सख्ती बढ़ा दी गई है। संवेदनशील बंदियों की तलाशी पीएसी सीसीटीवी कैमरे के सामने कर रही है। इनकी हर घंटे हाजिरी भी हो रही है। जेल अधिकारियों ने बंदियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम तैयार की है।
चित्रकूट जेल में गैंगवार की धमक मथुरा जेल तक पहुंच गई है। वर्ष 2015 में मथुरा जेल में हुई गैंगवार की वारदात को ध्यान में रखते हुए बंदियों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। जेल में वर्तमान में लगगभ 1750 बंदी हैं। जेल अधिकारियों ने अति संवेदनशील और संवेदनशील बंदियों को अलग बैरक में रखा गया है। डीआईजी जेल शैलेंद्र मैत्रेय ने बताया कि चित्रकूट की घटना के बाद जेल में सख्ती बढ़ा दी गई है।
फोन की भी हो रही है रिकॉर्डिंग
जेल में अति संवेदनशील बंदियों की ओर से जो भी फोन किए जाते हैं उन्हें भी रिकॉर्ड किया जा रहा है। अधिकारी इन रिकॉर्डिंग पर नजर बनाए हुए इसे लगातार सुना जाता है।
2015 में हुई थी गैंगवार
साल 2015 में जिला जेल में कुख्यात ब्रजेश मावी की हत्या के आरोप में जेल में बंद राजेश टोंटा और ब्रजेश मावी के साथियों में गैंगवार हुई थी। इस दौरान एक बंदी की जेल में ही मौत हो गई थी। बाद में जिला जेल से इलाज के लिए ले जाते समय राजेश टोंटा की भी हत्या कर दी गई। जेल अधीक्षक शैलेंद्र मैत्रेय को मथुरा भेजा गया था।
शैलेंद्र का तबादला
जिला जेल का कार्यभार देख रहे आगरा रेंज के डीआईजी शैलेंद्र मैत्रेय का स्थानातंरण डीआईजी हेड क्वार्टर में कर दिया गया है। उनके स्थान पर डीआईजी हेड क्वार्टर को प्रयागराज-अयोध्या परिक्षेत्र (चित्रकूट) का कार्यभार सौंपा गया। मैत्रेय रविवार को कार्यभार छोड़ देंगे।
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