कोसीकलां(मथुरा)। कोरोना की तीसरी लहर के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में बदलाव देखने का मिल रहा है। शिक्षकों का मानना है कि बच्चों की लेखन क्षमता कम हुई है। कुछ चिड़चिड़े हो गए हैं। हालांकि बच्चों के अभिभावक स्कूल खुलने से खुश हैं।
शिक्षकों ने बताया कि बच्चों में घर में रहकर कुछ चिड़चिड़ापन होने लगा है। स्कूल में खुला माहौल मिलने से उनकी मनोदशा बदलेगी। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की प्राचार्य पूजा कुमार ने बताया कि कोरोना काल में बच्चों को मोबाइल की आदत बढ़ गई है। वह इस आदत को छोड़ना नहीं चाहते हैं। इससे भी बच्चों को नाराजगी देखने को मिल रही है। स्कूल खुलने के बाद बच्चों के अंदर किसी तरह की हिचकिचाहट आदि भी बहुत कम देखने को मिल रही है।
अभिभावक भी स्कूल खुलने के बाद खुश है। अभिभावक बल्देव सिंह, शिव सिंह का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई स्कूल में रहकर ही अच्छी हो सकती है। मथुरा के अमरनाथ स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ.अरुण वाजपेयी ने बताया कि घर में रहने के कारण बच्चों की दिनचर्या बदल गई थी। अब स्कूल खुले हैं। जिन बच्चों में चिड़चिड़ापन या मोबाइल देखने की आदत पड़ गई थी उनकी काउंसिलिंग कराकर उनको दूर किया जा रहा है।
अभी स्कूल में बच्चे भी कम आ रहे हैं। अभी तक बच्चों में किसी तरह की विपरीत एक्टिविटी नहीं देखी जा रही है। वह स्कूल पहुंच खुश दिखाई दे रहे हैं। कुछ बच्चों में थोड़ा चिड़चिड़ापन है वह धीरे-धीरे सही हो जाएगा।
-राव राजेेंद्र, प्राचार्य, एसपीएस इंटरनेशनल अकेडमी
स्कूल खुलने पर बच्चे काफी खुश हैं। बच्चों में अपनी पढ़ाई को पूरा करने की ललक भी देखने को मिल रही है। छुट्टी होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित पढ़ाई पूरी करवाने की तैयारी शिक्षक कर रहे है।
-नरेंद्र शर्मा प्रधानाचार्य, एमडी जैन पब्लिक स्कूल