मथुरा। डैंपियर नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय कमला नेहरू नंबर दो में पढ़ने वाले अधितर बच्चों के पास न ड्रेस और न ही जूते। बच्चे चप्पल पहनकर स्कूल जाते हैं। विद्यालय में दो कक्षों में पांचवी तक पढ़ने वाले बच्चों की क्लास लगती है।
स्कूल ड्रेस वितरण में गड़बड़ी के बाद प्रदेश सरकार ने डीबीटी योजना लागू की थी। इसके तहत प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को ड्रेस और जूते खरीदने के लिए 1200 रुपये सीधे अभिभावक के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय कमला नेहरू नंबर दो में पढ़ने आए अधिकतर बच्चे स्कूल ड्रेस में नहीं नजर आए। बच्चों के पैरों में जूते भी नहीं थे। बच्चों ने बताया कि पापा ने ड्रेस और जूते नहीं दिलवाए हैं। विद्यालय में प्रधानाध्यापक तिवारी के साथ दो शिक्षामित्र दुष्यंत सारस्वत और पूनम शर्मा की तैनाती है। छात्रों की संख्या केवल 87 है। इनमें से भी अधिकतर बच्चे छुट्टी पर रहते हैं। प्रधानाध्यापक विवेक तिवारी ने कहा कि सभी बच्चोें को ड्रेस और जूते पहनकर आने के लिए निर्देशित कर दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 152000 हजार छात्र पंजीकृत
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1536 विद्यालय संचालित हैं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1,52,000 हजार छात्र पंजीकृत हैं। इनमें से 139124 छात्रों के अभिभावकों का डाटा डीबीटी के लिए अपडेट हो गया है। 102548 अभिभावकों के खाते में धनराशि ट्रांसफर कर दी गई है। 26037 का डाटा डीबीटी के लिए तैयार है। शेष 7181 का आधार अपडेट न होने की वजह से डीबीटी की राशि अभिभावकों के खाते में नहीं पहुंच पाई है।
पापा का आधार अपडेट नहीं हो पाया है। इसलिए ड्रेस नहीं खरीदी है।
जय छात्र
पापा के आधार कार्ड का नंबर गलत फीड हो गया था। इसलिए ड्रेस की धनराशि खाते में नहीं आई है। पापा ने मेरे लिए ड्रेस नहीं खरीदी है।
साहिल छात्र
सभी छात्रों को ड्रेस और जूते पहनकर आने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। जो छात्र ड्रेस में नहीं आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विवेक तिवारी, प्रधानाचार्य, प्राथमिक विद्यालय कमला नेहरू नंबर दो