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Mathura: रेलवे स्टेशन से अपहृत बच्ची 36 घंटे में बरामद, जीआरपी ने आगरा स्टेशन से अपहरणकर्ता को किया गिरफ्तार

Mon, 25 Aug 2025 12:05 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

बच्ची के अपहरण की घटना जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। छोटी बच्ची के अपहरण की सूचना मिलने के बाद सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अपहरणकर्ता सतीश की फोटो जीआरपी को मिल गई थी। 
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रेलवे स्टेशन से अपहृत बच्ची 36 घंटे में बरामद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा में शुक्रवार को देर रात रेलवे जंक्शन से अपहृत एक साल की बच्ची को जीआरपी ने आगरा कैंट स्टेशन से बरामद कर लिया। अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वह राजस्थान के धाैलपुर जिले के मनिया का रहने वाला है और दिल्ली में मजदूरी करता है। पत्नी का चार बार गर्भपात होने और फिर बच्चा न होने के चलते आरोपी ने बच्ची के अपहरण का कदम उठाया। जीआरपी आरोपी से गहराई से पूछताछ करने में जुटी है।
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रेलवे जंक्शन से शुक्रवार रात को मध्य प्रदेश के जिला जबलपुर की तहसील सिहोरा के गांव मझौली निवासी आनंद और पूजा की छोटी बेटी सरस्वती का अपहरण हो गया था। अपहरण के दाैरान पिता आनंद प्लेटफार्म पर प्लास्टिक बीनने गया था और मां पूजा लघुशंका के लिए गई थी। एक साल की सरस्वती और उसकी बड़ी बहन गाैरा प्लेटफार्म पर अकेले सो रहे थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी सरस्वती का अपहरण कर आगरा की ओर जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बैठकर भाग निकला था। उसे भागते हुए पूजा ने देख लिया था।

 

बच्ची का अपहरण करने के बाद सतीश प्लेटफार्म संख्या एक पर खड़ी यूपी संपर्कक्रांति ट्रेन में सवार होकर आगरा पहुंच गया था। बच्ची के अपहरण की घटना जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। छोटी बच्ची के अपहरण की सूचना मिलने के बाद सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अपहरणकर्ता सतीश की फोटो जीआरपी को मिल गई थी। 

इसके बाद से ही जीआरपी और आरपीएफ की तीन टीमें अपहरणकर्ता और बच्ची की तलाश में जुटीं थीं। घटना के करीब 41 घंटे बाद जीआरपी ने रविवार को आगरा कैंट स्टेशन से अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर उसके चंगुल से सरस्वती को बरामद कर लिया।

 

पूछताछ में अपहरणकर्ता ने अपना नाम सतीश पुत्र दुर्गपाल सिंह गौड़ निवासी मदीना कॉलोनी मनिया जिला धौलपुर, राजस्थान बताया है। उसने बताया कि वह दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। उसके कोई बच्चा नहीं है। 22 अगस्त को वह संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से दिल्ली से आगरा जा रहा था। ट्रेन जब मथुरा रुकी तो वह प्लेटफार्म पर उतरा। इसी दौरान उसे दो बच्चियां अकेली सोती हुईं नजर आईं तो उसने छोटी बच्ची को उठा लिया और ट्रेन में बैठकर भाग निकला।

 

वह आगरा कैंट स्टेशन पर उतरने के बाद धौलपुर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था, तभी जीआरपी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उधर बच्ची को देखकर जीआरपी थाने पर बैठे दंपती का चेहरा भी खिल गया। उन्होंने जीआरपी को धन्यवाद दिया।जीआरपी थाने पर घटनाक्रम की जानकारी देते हुए सीओ जीआरपी नजमुल हुसैन रिजवी ने बताया कि आरोपी से अन्य बिंदुओं पर भी गहराई से पूछताछ की जा रही है। बच्ची की पहचान उसके माता-पिता ने की है। बच्ची को न्यायालय में पेश कर उसके माता-पिता के सुपुर्द किया जाएगा।

 
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9 साल पहले हुई थी आरोपी की शादी पर नहीं है कोई बच्चा
सरस्वती का अपहरण करने वाले आरोपी सतीश ने बताया कि उसकी शादी नौ साल पहले हुई थी। बीते वर्षों में चार बार पत्नी को गर्भधारण तो हुआ, लेकिन हर बार बीच में ही गर्भपात हो गए। इसके चलते उनका कोई बच्चा नहीं है। बच्चे की चाहत में ही उसने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि 40 घंटे बच्ची उसके पास रही, इस दौरान उसने बच्ची का पूरा ख्याल रखा। उसे कई बार पानी पिलाया और दूध भी पिलाया।

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