उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले ठाकुर द्वारिकाधीश की झांकी को अपलक निहारते रहे। चीफ जस्टिस ने मंदिर अधिकारियों से दर्शन झांकियों के क्रम और महत्व के बारे में पूछा। इसके बाद कहा कि मौका मिला तो फिर आऊंगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाला साहेब भोंसले शनिवार को मथुरा आए। सबसे पहले उन्होंने अपनी पत्नी के साथ वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन किए। यहां मंदिर सेवायत बालकृष्ण गोस्वामी, ज्ञानेंद्र गोस्वामी, शैलेंद्र गोस्वामी ने मुख्य न्यायाधीश को पूजा-अर्चना कराई। मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले ने ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के समक्ष दीप प्रज्वलन किया। इसके बाद वे सिविल लाइन स्थित गेस्ट हाउस पहुंचकर न्यायिक और प्रशासनिक अफसरों से मुलाकात की।
शाम को मुख्य न्यायाधीश द्वारिकाधीश मंदिर पहुंचे यहां शाम तीन बजकर 40 मिनट पर उत्थापन झांकी के दर्शन किए। उन्होंने विधि अधिकारी राकेश तिवारी से झांकियों के क्रम, उनके महत्व के बारे में जाना। तिवारी ने मुख्य न्यायधीश केा मंदिर का इतिहास और पुष्टिमार्गीय परंपराओं के बारे में बताया।
इस दौरान ब्रज प्रेस क्लब और एनयूजेआई के प्रतिनिधि मंडल ने कमलकांत उपमन्यु के नेतृत्व में उनसे मुलाकात की। चीफ जस्टिस ने गोवर्धन और बरसाना के महत्व को भी जाना। इस अवसर पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार दिनेश कुमार सिंह, जिला जज रमेश तिवारी, डीएम नितिन बंसल, एसएसपी मोहित गुप्ता, एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह के अलावा न्यायिक, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रूट डायवर्ट
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के मथुरा आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। जगह-जगह ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। भारी संख्या में पुलिस बल देखकर लोग भी चौंके। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर इस तरह की सुरक्षा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।