गांव तेहरा में चिकनपॉक्स का प्रकोप
- फोटो : अमर उजाला
गांव तेहरा में चिकन पॉक्स का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को तीन लोगों को चिकनपॉक्स होने से ग्रामीण भयभीत हैं। सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
पिछले कई दिन से वृंदावन के समीपवर्ती गांव तेहरा में चिकनपॉक्स ने गांव के दर्जन भर बच्चों और बड़ों को अपनी चपेट में ले लिया है। गांव में कई परिवार तो ऐसे हैं, जहां पर लगभग सभी को इस बीमारी ने घेर लिया है। शुक्रवार को बांके लाल की (10) वर्षीय बेटी नजराना, पूजा पुत्री चंद्रपाल (12), मनीष पुत्र रामगोपाल, दीपा पुत्री अनिल (8) को भी चिकनपाक्स ने अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने कहा कि सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने गांव का दौरा नहीं किया। सुबह आशा कार्यकत्री जरूर गांव में आईं और बीमार बच्चों के नाम लिखकर ले गईं। स्थानीय निवासी महावीर सिंह ने कहा कि गांव में संक्रामक रोग फैल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
6 हजार की आबादी के लिए 1 सफाई कर्मी
गांव तहरा में जगह-जगह गंदगी है। सड़कों से लेकर गलियों तक कूढ़े के अंबार लगे हैं। नालियों में गंदा पानी भरने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। छह हजार की आबादी वाले गांव में मात्र एक सफाई कर्मचारी की तैनाती है। गांव निवासी ललित, महेश, विनोद ने कहा कि गांव में पिछले काफी समय से सफाई अभियान नहीं चलाये जाने से गांव में बुरा हाल है।
गौरा नगर में चिकन पाक्स
वृंदावन। गांव तेहरा के बाद वृंदावन के गौरा नगर कालोनी में भी चिकनपाक्स के दो केस सामने आए हैं। सियाराम की पांच वर्षीय पुत्री रजनी, विवेक शर्मा परिवार भी चिकनपाक्स की चपेट में है।