मथुरा। देवभूमि उत्तराखंड के जोशी मठ जैसी समस्या कन्हैया की नगरी मथुरा की टीलानुमा आबादी छौंकापाड़ा में उत्पन्न हो गई है। यहां निरंतर मकान फट रहे हैं। मकानों की दीवारों में दरारें दिन प्रतिदिन चौड़ी होती जा रही हैं। इस समस्या को लेकर क्षेत्रीय लोग भयभीत हैं।
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत चौबिड़ापाड़ा में मकानों के फटने की समस्या वर्षों पुरानी है। आए दिन यह समस्या विभिन्न क्षेत्रों में सामने आ जाती हैं। इन दिनों इस स्थिति से छौंकापाडा के लोग भयभीत हैं। यहां पिछले एक माह से मकानों की दीवारों में दरारें आ रही हैं। इससे दिनेश कुमार चतुर्वेदी, मुरलीधर चतुर्वेदी, ओमप्रकाश चतुर्वेदी, गिर्राज चतुर्वेदी, विशम्भर दास चतुर्वेदी, देवकीनंदन चतुर्वेदी के परिवार इस समस्या के कारण दहशत में हैं। मकानों में आईं दरारों ने लोगों की रात की नींद को उड़ा दिया है।
आधा-आधा इंच दरारें चौड़ी हो गई हैं। आंगन से लेकर छत तक मकान फट रहा है। आंगन में लगे पत्थर भी फट गए हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। मकान फट रहा है।
- किरन चतुर्वेदी
छौंकापाड़ा में एक माह से अधिक समय हो गया, मकान निरंतर फटते जा रहे हैं। यहां नालियां डैमेज हैं, सीवर चॉक है। दो साल पहले बिजली की लाइन अंडरग्राउंड डाली गई थी, इससे पानी की पाइपलाइन लीकेज होकर जमीन में पानी जा रहा है। इसी से मकान फट रहे हैं। नगर निगम को कई बार इस समस्या से अवगत कराया है।
- गिरधारी लाल चतुर्वेदी
ढाई साल पहले ही मकान बनवाया था, सब कुछ बेकार हो गया। फर्श बचा है न छत। घर के आगे नाली में पानी भरा रहता है। सीवर भी चॉक है। कई बार शिकायत कीं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुईं। मकान में डर लगने लगा है।
-मुरलीधर चतुर्वेदी
जमीन धंसने से यह समस्या पैदा हो रही है। एक दर्जन से अधिक मकानों में दरारें आ गई हैं। नए-नए मकान फट रहे हैं। मोटी होती दरारों को देखकर रात को सोते वक्त डर लगने लगा है। आर्थिक क्षति के साथ भय का वातावरण है।
- ठाकुर जी चतुर्वेदी
संबंधित क्षेत्र का मौका मुआयना कराया गया है। जलकल विभाग की टीम ने पानी की लीकेज की संभावना भी तलाशी है। इसका मूल कारण पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
- अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम